शेख़ फरीद बुख़ारी कौन थे? जानिए अकबर के दौर की इस ऐतिहासिक शख्सियत को
शेख़ फरीद बुख़ारी मुग़ल बादशाह अकबर के ज़माने के एक खास और ताक़तवर आदमी थे। वो एक बड़े अफसर थे और मुग़ल सेना की देखरेख करते थे। उन्होंने कई लड़ाइयों में हिस्सा लिया और अकबर के राज को मज़बूत बनाने में मदद की। आज हम आपको उनके मकबरे पर ले चलेंगे, जहाँ वो दफ़न हैं। इस सफर में हम जानेंगे कि शेख़ फरीद बुख़ारी कौन थे, उन्होंने क्या-क्या काम किए, और उनका मकबरा कहाँ है और वहाँ कैसे पहुँचा जा सकता है।
शेख़ फरीद बुख़ारी कौन थे?
शेख़ फरीद बुख़ारी (जिनका इंतक़ाल 1616 में हुआ) को लोग मुर्तज़ा ख़ान के नाम से भी जानते हैं। वो 17वीं शताब्दी के एक मशहूर और ताक़तवर मुग़ल सरदार थे। उन्होंने मुग़ल सम्राट अकबर के समय में मीर बख़्शी यानी सेना और प्रशासन के बड़े अधिकारी की ज़िम्मेदारी निभाई। जब अकबर के बाद जहाँगीर गद्दी पर बैठे, तब भी शेख़ फरीद ने अपना असर बनाए रखा। उन्होंने राजकुमार खुसरो के विद्रोह को दबाने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद उन्हें गुजरात और पंजाब जैसे बड़े प्रांतों का शासन सौंपा गया। इतना ही नहीं, शेख़ फरीद बुख़ारी कलाकारी और इमारतों के भी शौकीन थे। उन्हें स्थापत्य (architecture) से भी प्यार था। कहा जाता है कि उन्होंने ही फरीदाबाद शहर की नींव रखी, जो आज हरियाणा का एक बड़ा और मशहूर शहर है।
क्या शेख़ फरीद बुख़ारी ने फरीदाबाद की स्थापना की थी?
फरीदाबाद शहर का नाम एक मुग़ल अधिकारी शेख़ फरीद बुख़ारी के नाम पर पड़ा था, जिन्हें मुर्तज़ा ख़ान भी कहा जाता था। वे मुग़ल बादशाह जहाँगीर के ज़माने में एक बड़े अफसर थे। ऐसा माना जाता है कि उन्होंने 1607 ईस्वी में इस जगह को बसाया था। उस वक्त दिल्ली से आगरा जाने वाले लोगों को रास्ते में रुकने के लिए कोई अच्छी जगह नहीं मिलती थी। इसलिए शेख़ फरीद ने यहाँ एक सराय (रुकने की जगह), कुआँ, तालाब, बाग़ और एक मस्जिद बनवाई, ताकि मुसाफ़िरों को आराम, पानी और नमाज़ पढ़ने की जगह मिल सके। इसीलिए इस जगह का नाम “फरीदाबाद” पड़ा — मतलब “फरीद द्वारा बसाया गया शहर”। आज ये शहर भले ही एक बड़ा और आधुनिक शहर बन गया हो, लेकिन इसकी शुरुआत एक अच्छी सोच और लोगों की मदद से हुई थी।
शेख़ फरीद बुख़ारी का मक़बरा कहाँ है
शेख़ फरीद बुख़ारी, जिन्हें लोग मुर्तज़ा ख़ान के नाम से भी जानते हैं, उनका मक़बरा दिल्ली के मलवीय नगर इलाके में है। ये मक़बरा एक पुरानी मुग़ल इमारत के पास बना है, जिसे Serai Shahji कहा जाता है। शेख़ फरीद मुग़ल बादशाह अकबर और जहाँगीर के ज़माने के एक बहुत बड़े अफसर थे। उन्होंने कई लड़ाइयाँ लड़ीं और प्रशासन में भी बड़ी ज़िम्मेदारियाँ निभाईं। जब उनकी मौत हुई, तो उन्हें दिल्ली में ही दफ़नाया गया
शेख़ फरीद बुख़ारी का मक़बरा
शेख़ फरीद बुख़ारी के मक़बरे तक कैसे पहुँचें?
मैट्रो से कैसे जाएँ
-
नज़दीकी मेट्रो स्टेशन: Malviya Nagar Metro Station (येलो लाइन)
-
मेट्रो से उतरकर आप रिक्शा, ई-रिक्शा या पैदल (1-2 km) जाकर मक़बरे तक पहुँच सकते हैं।
बस से कैसे जाएँ:
- DTC की कई बसें मलवीय नगर के आसपास रुकती हैं।
- पास के स्टॉप: Malviya Nagar Terminal, Saket, या Begumpur।
अपनी गाड़ी या टैक्सी से:
-
गूगल मैप या किसी GPS ऐप में सर्च करें:
“Tomb of Shaikh Farid Bukhari” या “Serai Shahji, Malviya Nagar, Delhi” -
यहाँ पर सड़क मार्ग से पहुँचना आसान है और पास में पार्किंग भी मिल जाती है।




