Select Page

दिल्ली विधान सभा भवन का अनकहा इतिहास और हेरिटेज हब बनने की पूरी कहानी

दिल्ली विधान सभा भवन का अनकहा इतिहास और हेरिटेज हब बनने की पूरी कहानी

दिल्ली विधान सभा भवन, जिसे पुराना सचिवालय (Old Secretariat) भी कहा जाता है, न केवल दिल्ली की राजनीति का केंद्र है बल्कि यह भारत के इतिहास का एक अहम हिस्सा भी है। 1912 में ब्रिटिश काल में बना यह भव्य भवन आज भी अपनी अनोखी डिज़ाइन और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है। इस साल यह जगह एक खास वजह से चर्चा में है — 14 और 15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर यह भवन आम जनता के लिए खोला जाएगा। इन दो दिनों में शाम 5 बजे से 8 बजे तक लोग यहाँ आकर इसके इतिहास को करीब से देख पाएँगे। पब्लिक विज़िट के दौरान BSF बैंड, सांस्कृतिक कार्यक्रम और खास रोशनी से यह अनुभव और भी यादगार बन जाएगा।

दिल्ली विधान सभा भवन का इतिहास

  • निर्माण वर्ष: 1912

  • वास्तुकार: E. Montague Thomas

  • जब दिल्ली को भारत की नई राजधानी बनाया गया, तब इस इमारत का निर्माण किया गया।

  • शुरुआत में यहाँ Imperial Legislative Council और Central Secretariat का दफ़्तर था।

  • 1952 में यह दिल्ली विधान सभा का घर बना, लेकिन 1956 में विधानसभा खत्म कर दी गई।

  • 1993 में इसे फिर से बहाल किया गया और तब से यह दिल्ली की राजनीति का केंद्र है।

वास्तुकला और डिज़ाइन

  • इमारत का डिज़ाइन अर्धवृत्ताकार (Semi-Circular) है।

  • सफेद रंग और गुंबद के साथ यह बेहद आकर्षक दिखती है।

  • इसके दोनों ओर ऊँचे टावर और सामने चौड़ा वेरांडा है।

  • परिसर में महात्मा गांधी, पंडित मदन मोहन मालवीय और विठ्ठलभाई पटेल जैसी हस्तियों की प्रतिमाएँ हैं।

14 और 15 अगस्त को पब्लिक के लिए खुला

  • तारीख़: 14 और 15 अगस्त 2025

  • समय: शाम 5 बजे से 8 बजे तक

  • एंट्री: बिना रजिस्ट्रेशन, केवल वैध पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड) दिखाना होगा।

  • क्या-क्या होगा:

    • इमारत के अंदर ऐतिहासिक हिस्सों का भ्रमण

    • BSF बैंड की लाइव प्रस्तुति

    • सांस्कृतिक कार्यक्रम

    • खूबसूरत लाइटिंग से सजा परिसर

  • सुरक्षा: मेटल डिटेक्टर, CCTV और फेस रिकग्निशन तकनीक का इस्तेमाल

कहाँ स्थित है

  1. मेट्रो से: येलो लाइन पर विदhan Sabha मेट्रो स्टेशन उतरें, भवन पैदल दूरी पर है।

  2. बस से: DTC बसें सिविल लाइंस की ओर चलती हैं, वहाँ से थोड़ी दूरी पैदल तय करनी होगी।

  3. कार/टैक्सी से: Google Maps में “Delhi Legislative Assembly” सर्च करें और सीधे पहुँचे।

 हेरिटेज हब

सरकार इस ऐतिहासिक भवन को हेरिटेज हब में बदलने की योजना बना रही है। इसमें एक संसदीय संग्रहालय, पर्यटकों के लिए सुविधाएँ, गाइडेड टूर और सांस्कृतिक प्रदर्शनी शामिल होंगे।

दिल्ली विधान सभा भवन सिर्फ एक राजनीतिक जगह नहीं है, यह हमारे इतिहास, लोकतंत्र और स्थापत्य कला की जीती-जागती मिसाल है। अगर आप दिल्ली में रहते हैं या इन खास तारीख़ों में यहाँ आ सकते हैं, तो इस मौके को बिल्कुल मत छोड़िए।

About The Author