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दिल्ली गोल्फ क्लब में सैयद आबिद का कभी-भूला मकबरा: एक ऐतिहासिक धरोहर

दिल्ली गोल्फ क्लब में सैयद आबिद का कभी-भूला मकबरा: एक ऐतिहासिक धरोहर

दिल्ली गोल्फ क्लब की हरी-भरी ज़मीन के बीच छुपा सैयद आबिद का मकबरा इतिहास और शांति, दोनों का एहसास कराता है। मुग़ल काल में बना यह छोटा लेकिन खास स्मारक उन लोगों के लिए है जो दिल्ली के छुपे हुए ऐतिहासिक स्थलों को खोजने का शौक रखते हैं। यहाँ आकर आप बीते समय की झलक और पुरानी वास्तुकला की सादगी को करीब से महसूस कर सकते हैं। 

इतिहास

सैयद आबिद का मकबरा मुग़ल काल के समय, लगभग 1626 ईस्वी (1036 हिजरी) में बनवाया गया था। सैयद आबिद, मुग़ल सेनापति खान दुर्रान खान के करीबी साथी थे। माना जाता है कि एक युद्ध के दौरान वे शहीद हो गए। उनकी याद में यह मकबरा बनाया गया। यह मकबरा ईंट और चुने से तैयार किया गया है। पहले इसकी दीवारों और गुंबद पर सुंदर टाइल का काम भी था। चारों तरफ एक खुला आँगन था, जिसमें नहरें और बीच में पानी का छोटा हौज़ था। समय के साथ ये सभी चीज़ें टूट-फूट गईं, लेकिन आज भी इसकी सादगी और पुरानी बनावट लोगों को इतिहास की एक अलग दुनिया में ले जाती है।

syed abid tomb

मकबरा कहाँ है?

सैयद आबिद का मकबरा दिल्ली के मशहूर दिल्ली गोल्फ क्लब के परिसर में स्थित है। यह लोदी रोड पर, सुंदर नर्सरी और सफदरजंग मकबरे के पास है। चारों तरफ हरियाली से घिरा यह इलाका न सिर्फ खेल प्रेमियों, बल्कि इतिहास और पुरानी इमारतों में दिलचस्पी रखने वालों को भी आकर्षित करता है।

syed abid ka maqbare ka board

दिल्ली गोल्फ क्लब क्या है?

दिल्ली गोल्फ क्लब, लोदी रोड पर फैला हुआ एक हरा-भरा और बेहद खूबसूरत गोल्फ कोर्स है। इसकी शुरुआत 1930 के दशक में एक छोटे से म्युनिसिपल कोर्स के रूप में हुई थी, जिसे तब “लोदी गोल्फ क्लब” कहा जाता था। बाद में 1950 में इसे एक बड़े और आधुनिक क्लब का रूप दिया गया। यहाँ 18-होल वाला “लोदी कोर्स” और 9-होल वाला “पीकॉक कोर्स” है, जहाँ देश-विदेश के खिलाड़ी खेलते हैं। क्लब के मैदान सिर्फ खेल के लिए ही मशहूर नहीं हैं, बल्कि यहाँ कई ऐतिहासिक इमारतें भी हैं, जिनमें सैयद आबिद का मकबरा भी शामिल है। हरी घास, शांत माहौल और पुराने दौर की इमारतें इसे दिल्ली का एक अनोखा और खास स्थान बनाती हैं।

golf club
कैसे पहुँचे?

सैयद आबिद का मकबरा देखने के लिए आपको दिल्ली गोल्फ क्लब पहुँचना होगा। यह जगह लोदी रोड पर है और दिल्ली के किसी भी हिस्से से आसानी से पहुँचा जा सकता है।

  • मेट्रो से: सबसे नज़दीकी मेट्रो स्टेशन जोर बाग (येलो लाइन) है, जो यहाँ से लगभग 1 किमी दूर है।

  • बस से: लोदी रोड पर कई डीटीसी और क्लस्टर बसें रुकती हैं।

  • गाड़ी से: आप अपनी कार या टैक्सी से सीधे गोल्फ क्लब के गेट तक पहुँच सकते हैं।

ध्यान दें, मकबरा क्लब के अंदर होने की वजह से आम रास्ते से सीधे दिखाई नहीं देता।

syed abid ka maqbara delhi
अंदर जाने की अनुमति

सैयद आबिद का मकबरा दिल्ली गोल्फ क्लब के अंदर स्थित है, इसलिए आम लोग सीधे यहाँ नहीं जा सकते। अगर आप इसे देखना चाहते हैं, तो क्लब से पहले अनुमति लेनी होगी। आमतौर पर यह इजाज़त खास मौकों या इतिहास से जुड़े दौरों (Heritage Walks) के दौरान दी जाती है। क्लब के सदस्य या अधिकृत मेहमान के साथ जाने पर भी मकबरा देखने का मौका मिल सकता है। बिना अनुमति के अंदर प्रवेश संभव नहीं है, इसलिए पहले से योजना बनाना ज़रूरी है।

syed abid ka maqbara ander se

सैयद आबिद का मकबरा दिल्ली का एक अनदेखा ऐतिहासिक रत्न है। यह हमें मुग़ल दौर की सादगी और स्थापत्य कला से रूबरू कराता है। अगर आप इतिहास प्रेमी हैं, तो यह जगह आपके लिए खास हो सकती है—बस पहले अनुमति लेना न भूलें। आप हमारी वेबसाइट पर दिल्ली की और भी ऐतिहासिक जगहें देख सकते हैं और अपनी अगली यात्रा की योजना बना सकते हैं।

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