अफगानिस्तान का एक मीनार, जो भारत के इतिहास से जुड़ा है
अफगानिस्तान की सुनसान पहाड़ियों के बीच एक 65 मीटर ऊँचा मीनार खड़ा है, जिसे “Minaret of Jam” कहा जाता है। यह मीनार न सिर्फ खूबसूरत कला का नमूना है, बल्कि इसमें इतिहास की कई छुपी हुई कहानियाँ भी छिपी हैं। आज हम जानेंगे इस मीनार का इतिहास, इसे किसने बनवाया और भारत से इसका क्या संबंध है।
Minaret of Jam का इतिहास
Minaret of Jam को 12वीं सदी में बनाया गया था, जब अफगानिस्तान पर गोरी वंश का राज था। इसे करीब 1190 ईस्वी में बनवाया गया था। यह मीनार इस्लामी कला और निर्माण का एक खास और पुराना उदाहरण है। इसकी दीवारों पर क़ुरआन की आयतें लिखी हैं, जो इसकी धार्मिक अहमियत को दिखाती हैं।
इसे किसने बनवाया?
Minaret of Jam को गोरी वंश के सुल्तान ग़ियास-उद-दीन मुहम्मद ने बनवाया था। यह मीनार उन्होंने लगभग 1194 ईस्वी में अफगानिस्तान के गोर इलाके में बनवाई थी। यह इस्लामी कला का एक शानदार उदाहरण है और उस समय गोरी वंश की ताकत को दिखाता है।
भारत से क्या संबंध है?
Minaret of Jam का भारत से जुड़ाव उस समय से है जब गोरी वंश भारत में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा था। मुहम्मद गोरी, जो इस वंश से थे, ने 1192 ईस्वी में तराइन की दूसरी लड़ाई जीतकर दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों पर कब्ज़ा कर लिया था। इसी दौर में, उसके बड़े भाई सुल्तान ग़ियास-उद-दीन मुहम्मद ने अफगानिस्तान के गोर प्रांत में Minaret of Jam बनवाई थी। यह मीनार उस समय की सुंदर कला और गोरी वंश की ताकत का एक बड़ा उदाहरण मानी जाती है।
क्या क़ुतुब मीनार, अफगानिस्तान की Minaret of Jam से प्रेरित है?
क़ुतुब मीनार (दिल्ली) और Minaret of Jam (अफगानिस्तान) दोनों ही अपने समय की ऊँची और शानदार ईंटों की मीनारें हैं। Minaret of Jam को गोरी वंश के सुल्तान ग़ियास-उद-दीन मुहम्मद ने 1194 ईस्वी में बनवाया था, जबकि क़ुतुब मीनार की नींव कुछ ही साल बाद 1199 ईस्वी में कुतुबुद्दीन ऐबक ने दिल्ली में रखी। इन दोनों मीनारों की बनावट, डिजाइन और कुरान की आयतों की नक़्क़ाशी काफी हद तक एक जैसी है। इतिहासकार मानते हैं कि जब गोरी वंश ने भारत पर अधिकार किया, तब अफगानी स्थापत्य शैली भारत में आई। इसी का असर दिल्ली की क़ुतुब मीनार पर भी दिखाई देता है। इसलिए बहुत से जानकार यह मानते हैं कि क़ुतुब मीनार का डिज़ाइन Minaret of Jam से प्रेरित हो सकता है।
UNESCO World Heritage Centre – Minaret of Jam




