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अजमेर की सोलह खंभा मस्जिद

अजमेर की सोलह खंभा मस्जिद

Solah Khamba Masjid Ajmer एक पुरानी और ऐतिहासिक मस्जिद है जो मुग़ल दौर में बनाई गई थी। इस ब्लॉग में जानिए कि यह मस्जिद कब और किसके द्वारा बनवाई गई, इसका क्या इतिहास है, यह अजमेर में कहाँ स्थित है और वहाँ कैसे पहुँचा जा सकता है। साथ ही, मस्जिद की खास रचना और सूफ़ी परंपरा से इसका क्या जुड़ाव है, यह सब भी आपको यहाँ पढ़ने को मिलेगा।

सोलह खंभा मस्जिद का इतिहास

सोलह खंभा मस्जिद (Solah Khamba Masjid) एक आयताकार संगमरमर की खूबसूरत इमारत है, जिसे “सोलह खंभा” यानी Sixteen Pillars के नाम से जाना जाता है। यह मस्जिद अजमेर की एक प्रमुख ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर है। एक फ़ारसी शिलालेख के अनुसार, इस मस्जिद का निर्माण शैख़ अलाउद्दीन द्वारा करवाया गया था। यह शिलालेख 1070 हिजरी (इसवी सन् 1659) का है, जो इसे मुग़ल काल की महत्वपूर्ण निर्माणों में से एक बनाता है।

Solah Khamba Masjid Ajmer

मस्जिद की बनावट और विशेषताएँ

यह मस्जिद तीन ओर से खुली हुई है, और इसका मुख्य भाग पश्चिम दिशा में स्थित है, जिसमें तीन सुंदर मेहराबें (Mehrab) बनी हुई हैं। मस्जिद के अंदर छह कब्रें भी मौजूद हैं, जो इसे एक सूफ़ी और रूहानी स्थल के रूप में विशेष बनाती हैं।

 Solah Khamba

शैख़ अलाउद्दीन कौन थे?

ऐसा माना जाता है कि शैख़ अलाउद्दीन, मशहूर सूफ़ी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के परिवार से थे। वे मुग़ल बादशाह शाहजहाँ (1628 से 1658) के ज़माने में एक respected (आदरणीय) और धार्मिक व्यक्ति माने जाते थे।

सोलह खंभा मस्जिद कहाँ है?

यह मस्जिद राजस्थान के अजमेर शहर में स्थित है, जो दिल्ली और जयपुर के बीच एक प्रसिद्ध सूफ़ी तीर्थ स्थल के रूप में जाना जाता है। यह मस्जिद ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह से ज़्यादा दूर नहीं है। जब आप दरगाह के गेट नंबर 10 से बाहर की ओर निकलते हैं, या फिर बाहर से अढ़ाई दिन का झोपड़ा की तरफ जाते हैं, तो आपको यह सोलह खंभा मस्जिद रास्ते में दिखाई दे जाएगी। इसलिए जब भी आप दरगाह जाएं, तो इस मस्जिद की सादगी, रूहानियत और इतिहास को भी ज़रूर महसूस करें।

Ajmer Historical Places

सोलह खंभा मस्जिद कैसे पहुँचें?

ट्रेन से:

अजमेर जंक्शन भारत के सभी बड़े शहरों से जुड़ा है। स्टेशन से सोलह खंभा मस्जिद ऑटो या रिक्शा द्वारा 10-15 मिनट में पहुँचा जा सकता है।

सड़क मार्ग से:

दिल्ली, जयपुर, जोधपुर और उदयपुर से बस और टैक्सी आसानी से मिल जाती हैं।

हवाई मार्ग से:

निकटतम हवाई अड्डा किशनगढ़ एयरपोर्ट (Ajmer Airport) है, जो लगभग 30-35 मिनट की दूरी पर है।

Solah Khamba Masjid Ajmer सिर्फ एक मस्जिद नहीं है, यह मुग़ल समय की बनावट, सूफ़ी परंपरा और दिल की शांति की एक निशानी है। इसकी सादगी और पुराना इतिहास इसे खास बनाते हैं। जब भी आप ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह जाएं, तो इस शांत और पुरानी मस्जिद को भी ज़रूर देखें।

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