यह मस्जिद फरीदाबाद में 1605 में बनाई गई थी, जब मुग़ल बादशाह जहाँगीर का दौर था। इसे सैयद फरीद (मुर्तज़ा ख़ान) ने बनवाया था, जिन्होंने फरीदाबाद शहर की नींव रखी थी
Ghiyasuddin Tughluq, तुग़लक़ वंश के संस्थापक, 1320-1325 ईस्वी तक दिल्ली सल्तनत के सुल्तान थे। उन्होंने तुग़लक़ाबाद नामक शहर और क़िला बनवाया
यह क़िला 1321 में दिल्ली सल्तनत के तुग़लक वंश के पहले सुल्तान ग़यासुद्दीन तुग़लक़ ने बनवाया था। इसे एक मज़बूत सुरक्षा क़िले के रूप में तैयार किया गया था।
यह मक़बरा 15वीं सदी में लोदी राजवंश के समय बनवाया गया था। माना जाता है कि यह किसी बड़े अफसर की क़ब्र के लिए बनाया गया था।
यह मक़बरा मुग़ल बादशाह जहाँगीर के मंत्री शेख फरीद बुख़ारी की याद में बनवाया गया था।
यह मस्जिद 14वीं सदी में फिरोज़ शाह तुग़लक़ के वज़ीर खाँ-ए-जहाँ जुनान शाह ने बनवाई थी।